क्या है:
जब सूर्य ग्रहण कुंडली के शुभ भावों पर प्रभाव डालता है, तो व्यक्ति के आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और स्वास्थ्य पर असर होता है।
यह दोष व्यक्ति की आभा और प्रसिद्धि को कमजोर कर देता है।
🔔 क्यों की जाती है:
सूर्य देव की ऊर्जा को पुनः जाग्रत कर राहु-केतु की छाया को शांत करने के लिए की जाती है।
पूजन में आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य अभिषेक और ग्रह शांति यज्ञ सम्मिलित होते हैं।
🌞 पूजन के लाभ:
✅ आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि
✅ प्रतिष्ठा और सामाजिक मान में सुधार
✅ स्वास्थ्य और नेत्र संबंधी रोगों से राहत
✅ जीवन में नई ऊर्जा और तेजस्विता
🎁 प्रभु प्रसाद किट:
पूजा के बाद दिव्य रुद्राक्ष कवच, प्रसाद और रक्षा सूत्र निःशुल्क भेजा जाएगा।




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