क्या है:
मंगल और राहु के योग से बनने वाला यह दोष व्यक्ति के स्वभाव में क्रोध, असंतुलन और विवाद की प्रवृत्ति उत्पन्न करता है।
यह दोष दुर्घटनाओं और निर्णय की गलतियों का कारण बन सकता है।
🔔 क्यों की जाती है:
यह पूजन मंगल और राहु की ऊर्जा को संतुलित करने के लिए की जाती है।
पूजन में मंगल बीज मंत्र जप, राहु शांति यज्ञ और शिव अभिषेक किया जाता है।
🌞 पूजन के लाभ:
✅ क्रोध और असंतुलन पर नियंत्रण।
✅ निर्णय क्षमता और आत्मबल में वृद्धि।
✅ परिवार और करियर में स्थिरता।
✅ नकारात्मक शक्तियों से रक्षा।
🎁 प्रभु प्रसाद किट:
पूजन पूर्ण होने के बाद दिव्य रुद्राक्ष कवच, रक्षा सूत्र और प्रसाद निःशुल्क भेजा जाएगा।




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