क्या है:
भ्रमर योग तब बनता है जब बुध और चंद्रमा में विरोध या राहु-केतु का प्रभाव हो।
इससे व्यक्ति मानसिक अस्थिरता, निर्णयहीनता और बार-बार दिशा बदलने की प्रवृत्ति का शिकार होता है।
यह योग व्यक्ति की सोच में भ्रम और आत्मविश्वास में कमी लाता है।
🔔 क्यों की जाती है:
यह पूजन मन और बुद्धि में तालमेल लाने हेतु बुध और चंद्रमा की शांति के लिए की जाती है।
पूजन में बुध बीज मंत्र जप, चंद्र शांति यज्ञ और रुद्राभिषेक शामिल होते हैं।
🌞 पूजन के लाभ:
✅ निर्णय क्षमता और एकाग्रता बढ़ती है।
✅ तनाव और भ्रम से मुक्ति मिलती है।
✅ आत्मविश्वास और स्थिरता आती है।
✅ कार्यों में निरंतरता और सफलता प्राप्त होती है।
🎁 प्रभु प्रसाद किट:
पूजन पूर्ण होने के बाद निःशुल्क रुद्राक्ष कवच, रक्षा सूत्र और प्रसाद भेजा जाएगा।




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