क्या है:
जब बृहस्पति और शनि में असंतुलन या राहु-केतु का प्रभाव हो, तो व्यक्ति जिम्मेदारियों से दब जाता है, पर परिणाम कम मिलते हैं। यह योग व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक संतुलन को कमजोर करता है।
🔔 क्यों की जाती है:
यह पूजन गुरु, शनि और गणेश की कृपा प्राप्त कर कर्मों का भार कम करने हेतु की जाती है। पूजन में आरोग्य हवन और गणपति साधना सम्मिलित हैं।
🌞 पूजन के लाभ:
✅ जिम्मेदारियों से राहत मिलती है।
✅ आत्मबल और ऊर्जा में वृद्धि होती है।
✅ कार्यों में स्थिरता और सफलता आती है।
✅ गुरु और शनि की कृपा प्राप्त होती है।
🎁 प्रभु प्रसाद किट:
पूजा पूर्ण होने के बाद दिव्य रुद्राक्ष कवच और प्रसाद निःशुल्क भेजा जाएगा।




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