क्या है:
जब व्यक्ति का जन्म अशुभ नक्षत्रों जैसे अश्विनी, मूल, अश्लेषा, रेवती, ज्येष्ठा या मघा में होता है, तो गंदमूल दोष बनता है।
यह दोष बालक के जीवन में प्रारंभिक कठिनाइयाँ, स्वास्थ्य समस्याएँ और माता-पिता को तनाव देता है।
यह नक्षत्र देवता की अप्रसन्नता से उत्पन्न होता है।
🔔 क्यों की जाती है:
गंदमूल दोष पूजन नक्षत्र देवता को प्रसन्न कर बालक की रक्षा और परिवार में शांति के लिए की जाती है।
इसमें नक्षत्र शांति पाठ, होम, दान और आशीर्वाद प्राप्ति के कर्म सम्मिलित हैं।
🌞 पूजन के लाभ:
✅ बालक के स्वास्थ्य, आयु और सुरक्षा की वृद्धि।
✅ माता-पिता को मानसिक शांति और स्थिरता।
✅ नक्षत्र देवता की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
✅ परिवार में सौभाग्य और समृद्धि बढ़ती है।
🎁 प्रभु प्रसाद किट:
पूजन पूर्ण होने के बाद ज्योतिष लोक दर्शन द्वारा आपको रुद्राक्ष कवच, रक्षा सूत्र और प्रसाद निःशुल्क भेजा जाएगा।




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