क्या है:
कर्कश योग तब बनता है जब व्यक्ति की कुंडली में बुध और शनि या राहु एक-दूसरे को प्रभावित करें।
यह योग व्यक्ति के स्वभाव में कठोरता, कटु वाणी और संबंधों में असंतुलन पैदा करता है।
🔔 क्यों की जाती है:
यह पूजन वाणी, व्यवहार और मानसिक संतुलन को पुनः स्थापित करने के लिए की जाती है।
पूजन में बुध शांति जप, शिव पार्वती अभिषेक और वाणी सुधार साधना की जाती है।
🌞 पूजन के लाभ:
✅ मधुर वाणी और सकारात्मक व्यवहार।
✅ पारिवारिक और सामाजिक संबंधों में सुधार।
✅ आत्मनियंत्रण और संयम में वृद्धि।
✅ कार्यों में सफलता और सम्मान।
🎁 प्रभु प्रसाद किट:
पूजा के पश्चात रुद्राक्ष कवच, रक्षा सूत्र और प्रसाद निःशुल्क भेजा जाएगा।




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