केमुद्रम योग दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा के दोनों ओर कोई ग्रह न हो, या चंद्रमा पाप ग्रहों (राहु, केतु, शनि, मंगल) से पीड़ित हो।
यह योग व्यक्ति को अकेलापन, आत्मविश्वास की कमी, मानसिक अस्थिरता और भावनात्मक उलझन देता है।
ऐसे व्यक्ति को अक्सर लगता है कि उनके पास सब कुछ है, पर मन में शांति नहीं है।
यह दोष मन और हृदय के बीच असंतुलन का संकेत है।
🔔 क्यों की जाती है:
यह पूजन चंद्रमा की शुभ ऊर्जा को पुनः जाग्रत करने और भावनाओं में संतुलन लाने के लिए की जाती है।
पूजन में भगवान शिव और चंद्रदेव की आराधना की जाती है।
“ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र के 11000 जप और चंद्र यंत्र की स्थापना इस अनुष्ठान का मुख्य भाग हैं।
🌞 पूजन के लाभ:
✅ मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता प्राप्त होती है।
✅ आत्मविश्वास और आत्मबल में वृद्धि।
✅ पारिवारिक सौहार्द और प्रेम की वृद्धि।
✅ चंद्र दोष शांत होकर जीवन में सुख और सफलता आती है।
🎁 प्रभु प्रसाद किट:
पूजन के बाद कोरियर द्वारा चार-पाँच और छह मुखी रुद्राक्ष कवच, प्रसाद, रक्षा सूत्र और आशीर्वाद पत्र निःशुल्क भेजा जाएगा।




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