क्या है:
जब नवमांश कुंडली के शुभ भाव या ग्रह दुर्बल हों, तो व्यक्ति को अपने कर्मों का फल देर से मिलता है।
यह दोष विवाह, भाग्य और करियर में अवरोध उत्पन्न करता है।
🔔 क्यों की जाती है:
यह पूजन नवमांश के ग्रहों को सशक्त कर भाग्य के द्वार खोलने के लिए की जाती है।
पूजन में नवग्रह यज्ञ, भाग्य बीज मंत्र जप और विष्णु सहस्त्रनाम पाठ किया जाता है।
🌞 पूजन के लाभ:
✅ भाग्य की शक्ति जाग्रत होती है।
✅ विवाह और करियर में प्रगति।
✅ आत्मविश्वास और कर्मों में सफलता।
🎁 प्रभु प्रसाद किट:
पूजन के बाद ज्योतिष लोक द्वारा रुद्राक्ष कवच, रक्षा सूत्र और प्रसाद निःशुल्क भेजा जाएगा।




Reviews
There are no reviews yet.