क्या है:
जब चंद्रमा या लग्न के दोनों ओर पाप ग्रह (राहु, शनि, मंगल, केतु, सूर्य) स्थित हों, तो पाप कतरी योग बनता है।
यह योग व्यक्ति के मन, भाग्य और सामाजिक प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
🔔 क्यों की जाती है:
यह पूजन पाप ग्रहों की अशुभ शक्ति को शांत कर जीवन में सौभाग्य लाने के लिए की जाती है।
पूजन में नवग्रह शांति यज्ञ, महामृत्युंजय जप और भगवान शिव की आराधना की जाती है।
🌞 पूजन के लाभ:
✅ ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है।
✅ सौभाग्य, भाग्य और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
✅ कार्यों में निरंतर सफलता प्राप्त होती है।
✅ जीवन में स्थिरता और सुख की प्राप्ति।
🎁 प्रभु प्रसाद किट:
पूजन पूर्ण होने पर ज्योतिष लोक दर्शन द्वारा प्रसाद और रुद्राक्ष कवच निःशुल्क भेजा जाएगा।




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